Wednesday, 3 September 2025

जन्म जाकंड बर्ड स्कूल का


 

 

जी ० टी ० बी ० पब्लिक स्कूल (G.T. B. Public school ) छोड़ने के बाद मैने अपने किराए के मकान में किंडरगार्टन स्कूल शुरू किया ।

 

तीन बच्चे थे । एक टीचर अपॉइंट किया था मैने । दूसरी टीचर मैं खुद थी। स्कूल का नाम था जाकंड बर्ड ( Jocund Bird) । यह नाम मेरे पिता ने रखा था स्कूल का ।

 

मेरे मन में भय था कि कहीं बोर्ड चोरी हो जाए इसलिए प्रति दिन सुबह मैं स्कूल का बोर्ड  मकान के बाहर लगाती थी और शाम को घर के अंदर रख लेती थी ।

 

शाम को स्कूल की बिल्डिंग में ट्यूशन पढ़ाती थी ।

 

मेरे पास आठ वर्ष का प्राइवेट स्कूलों का अनुभव था ।

 

स्कूल की किताबें मैने खुद बेचीं।

 

सपना था स्कूल चल निकलेगा

 

यह स्कूल एक साल चला ।

 

फिर स्कूल बंद करना पड़ा क्यों कि स्कूल से इतनी आमदनी नहीं हुई कि मैं  मकान का किराया चुका सकूं ।

 

तीनों बच्चों का एडमिशन मैने पास के किंडरगार्टन स्कूल में करवा दिया ।

 

और स्कूल काल कवलित हुआ ।

 

मेरे पिता भी दुखी भी अवश्य हुए होंगे । लेकिन वे कुछ बोले नहीं।


#संस्मरण 

मुंबई में कुछ वर्ष

  कुछ साल मुंबई में क्या रही कि मोहित हो गई म्हारष्ट्र के कल्चर से । छोटी छोटी लड़कियां लड़के कॉलोनी के प्रोग्राम में नृत्य करते थ...