Saturday, 25 January 2025

बेटों की चाहतें



#इन्दु_बाला_सिंह


ग़लत कहते हैं लोग - माँ का आंसू बेटे के सामने 


नहीं निकलना चाहिये ।


समय बदल गया है । बेटों की चाहतें बदल गयीं 


हैं । उन्हें अपनी माँ में सहायिका का रूप दिखता


 है ।श्रद्धा नहीं है अब उनमें।


सब जल्दी से जल्दी जीवन के  सुख भोग लेना 


चाहते हैं । सहिष्णुता और रिश्तों का महत्व गुम 


गया है ।पैसा बोलता है । यूँ लगता है अब पैसा 


ही सबकुछ है उनके लिये।


अमेरिका का आकर्षण इतना ज़्यादा है कि वह 


स्वर्ग की दुनिया बन गयी है युवाओं के लिये । 


माना बहुत सुविधायें हैं वहाँ पैसे हैं पर जड़ों से 


कट कर इंसान क्या कभी  सुख पाया है ।


जब तक चेतते हैं युवा लौटने की गुंजाइश ख़त्म 


हो चुकी रहती है । वे अपनी पुरानी युवावस्था 


की दुनिया खोजते हैं जहां उनके लिये कोई 


जगह नहीं बची रहती है ।



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