Sunday, 26 January 2025

मोह



  


#इन्दु_बाला_सिंह


मोह अंधा होता है । वह जिसे प्यार करता है उसकी सारी ग़लतियों 

की और से आँख मूँद लेता है । अधिक मोह इनसान का  किसी के 

प्रति हो तो वह दोनों को क्षति पहुँचाता है ।


इंसान का मोह जब किसी के प्रति ज़िम्मेवारी के साथ जुड़ता है तो 

वह उसे  तो कमजोर तो बनाता ही है  मोहधारी इंसान को भी हानि 

पहुँचाता है ।


मूलतः मोह का प्रतिशत इंसान में दस प्रतिशत से ज़्यादा नहीं रहना

 चाहिये।और चिंता का मात्र पाँच प्रतिशत भाव रहना चाहिये मन में ।

हमें अपने निकटस्थ , निर्भरशील व्यक्ति को मज़बूत बनाते हुये अपनी 

ज़िंदगी भी तो जीनी है ।ग़र सदा रिश्तों के लिये जीते रहे हम तो अपने 

जीवन के अंतिम पल में अफ़सोस करने के सिवा  कुछ नहीं बचेगा 

हमारे हाथ में ।


अंतिम समय में मुट्ठी खुल जायेगी और हम अपने समय को चाह कर 

भी नहीं रोक पायेंगे ।



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