Sunday, 26 January 2025

लड़की की पैतृक संपत्ति

  


#इन्दु_बाला_सिंह


बेटी को अपने पिता से वसीयत में मकान तभी 


मिलता है अगर उसका अपना कोई भाई न हो या 


उसके पिता किसी लड़के को गोद न लिये हों ।


 माँ ख़ुद भी नहीं चाहती कि उसकी बेटी को 


पैतृक संपत्ति के रूप में मकान मिले ।होतीं होंगीं 


कोई क्रांतिकारी माएँ जो चाहती होंगी उसके 


बेटा- बेटी दोनों अपने पिता के मकान के 


बराबरी में हक़दार हों ।


हम पर समाज का और अपनी सुविधा का बड़ा 


प्रभाव रहता हैं । लड़कियाँ अपनी वैवाहिक 


जीवन के सुख दुःख में इतना डूबी रहतीं हैं कि वे 


अपने हक़ के लिये लड़ना नहीं चाहतीं । 


समाज के लिये बने क़ानून का पालन इंसान 


मजबूरी में ही करता है ।


समाज का सबसे कमजोर वर्ग लड़कियों का ही 


है ।जाति , धर्म में बंटी लड़कियाँ आत्मगौराव में 


डूबी हैं लड़कियाँ ।


अपने पैतृक हक़ से आँखें मूँदी हैं वे ।



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