Sunday, 26 January 2025

खूबसूरत है सुबह



#इन्दु_बाला_सिंह


आज सो कर उठी तो लगा - दुनिया कितनी 


सुंदर है । धूप पसरी है सड़क और मकानों पर । 


हमारे देखने का नज़रिया ही दुनिया अच्छा बुरा 


बनाता है । कर्मठ इंसान काम करता है । अपने 


आस पास ख़ुशियाँ बिखेरता है । आलसी इंसान 


नकारात्मक ऊर्जा का भंडार रहता है ।दुनिया 


व्यर्थ है का विचार बाँटता फिरता है । हम धरती 


की संतान हैं । भला हमारी जननी कैसे हमारे 


लिये बुरी हो सकती है । अपनी अकर्मण्यता को 


कायर दूसरों को दोष दे कर छुपाते हैं ।


दिन भर के थके कर्मयोगी को ही रात थपकी दे 


के सुलाती है ।



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