#इन्दु_बाला_सिंह
आज सो कर उठी तो लगा - दुनिया कितनी
सुंदर है । धूप पसरी है सड़क और मकानों पर ।
हमारे देखने का नज़रिया ही दुनिया अच्छा बुरा
बनाता है । कर्मठ इंसान काम करता है । अपने
आस पास ख़ुशियाँ बिखेरता है । आलसी इंसान
नकारात्मक ऊर्जा का भंडार रहता है ।दुनिया
व्यर्थ है का विचार बाँटता फिरता है । हम धरती
की संतान हैं । भला हमारी जननी कैसे हमारे
लिये बुरी हो सकती है । अपनी अकर्मण्यता को
कायर दूसरों को दोष दे कर छुपाते हैं ।
दिन भर के थके कर्मयोगी को ही रात थपकी दे
के सुलाती है ।
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